पीलीबंगा| दुख कड़वा है लेकिन ईश्वर को मिलाने वाला होता है। सुख मीठा है पर जीव को ईश्वर से दूर करता है। यह बात गीता ज्ञानयज्ञ के दौरान गीता भवन पीलीबंगा में श्री कल्याण कमल सत्संग समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी कमलानंद गिरी जी महाराज ने कही। उन्होंने आगे कहा कि जैसे बरसात हमेशा नहीं रहती। गर्मी भी हमेशा नहीं रहती, सर्दी भी हमेशा नहीं रहती। यह सब परिवर्तनशील है, इसी प्रकार जीवन में कभी दुख आता है, कभी सुख आता है। दोनों ही परिस्थितियों में हमें घबराना नहीं चाहिए। जो व्यक्ति प्रतिकूल परिस्थिति में व्यथित नहीं होता और अनुकूल परिस्थितियों में ज्यादा हर्षित नहीं होता वह आत्मज्ञान का अधिकारी है। महाराज ने आगे बताया कि गृहस्थ जीवन मानसरोवर यात्रा की तरह कठिन है। श्री कल्याण कमल सत्संग समिति के प्रवक्ता के अनुसार 4 अक्टूबर को गीता भवन में गीता ज्ञान का विश्राम कर दिया जाएगा। 5 और 6 अक्टूबर को मनोकामना सिद्ध श्री बालाजी धाम बीरबल विहार कॉलोनी में श्रीसुंदरकांड पाठ का आयोजन होगा।
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