श्रीगंगानगर| ढाबां झल्लार गांव निवासी 23 वर्षीय निशानसिंह को मेदांता के डॉक्टरों डॉ. अरुण कालड़ा, डॉ. दयाराम व डॉ. नवीन जैन की टीम ने हैपेटिक कोमा से बाहर निकालकर एक नया जीवनदान दिया है। यह जानकारी अस्पताल प्रबंधन ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में दी। वार्ता में डॉ. कालड़ा ने बताया कि 17 सितंबर को मरीज को परिजन यहां बेहोशी की हालत में लाए थे। प्राथमिक जांच में पाया कि मरीज हैपेटिक कोमा में जा चुका है। उपचार के पांचवें दिन उसकी आंखें खुल गई और छठे दिन वह कोमा से बाहर आ गया। 28 सितंबर को उसे छुट्टी दे दी गई। अस्पताल सीईओ डॉ. हरमन लूणा ने बताया कि मरीज गरीब परिवार से है। उसका उपचार अत्यंत रियायती दरों पर किया गया।