श्रीगंगानगर| श्रीराम कथा के पठन-पाठन से घर में सुख शांति आती है। पहले
महिलाएं रोजाना श्रीराम कथा का पठन-पाठन किया करती थीं। श्रीराम कथा सुनने
से संस्कार आते हैं, इसलिए बच्चों को रोजाना श्रीराम कथा सुनानी चाहिए। यह
प्रवचन पुरानी आबादी स्थित सिद्धपीठ श्री झांकीवाले बालाजी बगीची में चल
रही श्रीरामकथा के आठवें दिन मंगलवार को प्रवचन करते हुए कथावाचक
महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद महाराज ने कही। कहा, मर्यादा बनने में समय
लगता है। मर्यादित व्यवहार भले ही हमें तुरंत फायदा न पहुंचाए, लेकिन इससे
समाज में हमारी अच्छी पहचान बनती है। भगवान श्रीराम बिना किसी संकोच के
पिता के एक आदेश पर वन को चले गए थे। इस मौके मुख्य सेवादार प्रेम अग्रवाल,
हनुमानप्रसाद चन्नाणी, बृजेश तलवार, कमल सोमानी, मदनगोपाल चौधरी, सुरेंद्र
सिंगल पुजारी, शंकरलाल बजाज, विजय गोयल, पवन राजपाल, दिनेश कुमार, राजू
चौहान सहित काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
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