श्रीगंगानगर| सूरतगढ़ बाईपास स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में मंगलवार को
सत्संग हुई। सत्संग में बहन अर्चना सिद्धु ने अपने आशीर्वचन में सत्य,
अहिंसा, शांति और प्रेम का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमें किसी और के
लिए नहीं, अपने लिए सहनशील होना होगा। गुरू का शब्द गुरू का ज्ञान है, इस
ज्ञान को अपने हृदय में बसाकर निरंतर सेवा-सत्संग-सिमरन करना है। वहीं जिला
प्रशासन एवं सामाजिक एवं अधिकारिता विभाग की ओर से जगदंबा अंधविद्यालय में
विशेष योग्यजन सहायक उपकरण शिविर में संत निरंकारी सेवादल यूनिट नं. 122
के संचालक महेंद्र व शिक्षक सुमित मक्कड़ के नेतृत्व में सेवादारों ने
सेवाएं दीं।
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