श्रीगंगानगर| पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत भ्रूण लिंग जांच करने के मामले में
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। आरोपी
पहले से ही सलाखों के पीछे हैं। इन्हें विगत गुरुवार को पकड़ा गया था। वहीं,
पांचवीं आरोपी महिला डॉक्टर को गिरफ्तार करने के लिए टीम ने पंजाब एरिया
में दबिश दी, हालांकि डॉक्टर अभी भी फरार चल रही है। सीआई उमेश निठारवाल ने
बताया कि एनएचएम के एमडी व पीसीपीएनडीटी राज्य प्रभारी आईएएस नवीन जैन के
निर्देशों पर गुरुवार को पंजाब के जलालाबाद से सागरवाला, श्रीगंगानगर
निवासी झोलाछाप त्रिलोक पुत्र गुरुदयाल सिंह जाति अरोड़ा, बलूवाना, अबोहर
निवासी झोलाछाप सुनील पुत्र भजनलाल कंबोज सिख, प्रीत नर्सिंग होम, जलालाबाद
की नर्स मनजीत कौर प|ी मुख्तयार सिंह रायसिख और सोनोग्राफी सेंटर संचालक
डॉक्टर अमरजीत सिंह पुत्र बख्त सिंह अरोड़ा को गिरफ्तार किया था। वहीं
डॉक्टर हरप्रीत कौर टक्कर प|ी डॉक्टर अमरजीत सिंह फरार होने में कामयाब
रहे। उन्होंने बताया कि चारों आरोपियों को जेल भेजा गया है। इनकी ओर से
न्यायालय में जमानत याचिका दायर की गई थी लेकिन मामले की गंभीरता को देखते
हुए न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी। पंजाब गई टीम में पीबीआई थाना टीम
सहित पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह व सीओआईईसी विनोद बिश्नोई शामिल रहे
थे। पीबीआई की ओर से इस मामले में दो टीमें गठित की गई हैं।
0 Comments