श्रीगंगानगर| रोडवेज कर्मियों ने शनिवार को चक्काजाम हड़ताल जारी रखते हुए जिला मुख्यालय पर रैली निकाली तथा सुखाड़िया सर्किल पर मानव शृंखला बनाकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। इसके बाद रैली के रूप में श्रीगंगानगर व सादुलशहर विधायक के कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपे। रैली में विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे अन्य विभाग के कर्मचारी भी शामिल हुए।

रोडवेज डिपो से रैली के रूप में कर्मचारी 11 बजे रवाना हुए तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सुखाड़िया सर्किल पहुंचे। यहां पर सर्किल को शासन सचिवालय मानकर मानव शृंखला बनाकर घेराव किया। इसके बाद रैली के रूप में शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रीगंगानगर विधायक कामिनी जिंदल के कार्यालय पहुंचे तथा सरकार के साथ हुआ समझौता लागू करवाने की मांग की। इसके बाद सादुलशहर विधायक के नई धानमंडी स्थित कार्यालय पहुंचकर यहां विधायक प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। श्रीगंगानगर विधायक ने भी रोडवेज कर्मियों की मांगों को लेकर हुआ समझौता लागू करवाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। रैली में नगरपरिषद के पूर्व सभापति जगदीश जांदू, भूपेंद्र कौर टूरना, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष नमिता सेठी, कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा, सीता स्वामी, कुलदीप सिंह केपी, मनोहरलाल, बूटासिंह, शिक्षक संघों व आंगनबाड़ी संगठनों के प्रतिनिधि व बड़ी संख्या में रोडवेज कर्मी शामिल हुए।

मंत्रालयिक कर्मियों ने किया विरोध प्रदर्शन: अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के तत्वावधान में कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में व सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ श्रीगंगानगर विधायक के समक्ष प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। विधायक को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। विधायक कामिनी जिंदल ने सभी मांगों को जायज ठहराते हुए उनका शीघ्र सकारात्मक निराकरण करने की अपनी अभिशंसा के साथ मुख्यमंत्री को भेजने की बात कही।

पशु चिकित्सा कर्मचारी एक से पांच अक्टूबर तक रहेंगे सामूहिक अवकाश पर : राजस्थान पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले के पशु चिकित्सा कर्मियों ने विभिन्न मांगों को लेकर एक से पांच अक्टूबर तक सामूहिक अवकाश पर जाने की घोषणा की है। जिला महामंत्री बालकृष्ण शर्मा ने कहा कि पशु चिकित्साकर्मियों की जायज मांगें वर्षों से लंबित चल रही हैं। शासन तथा प्रशासन की सैद्धांतिक सहमति होने के बावजूद भी मंत्रिमंडलीय उप समिति (वेतन विसंगति निराकरण एवं कर्मचारी कल्याण) से संघ की 26 जून को हुई वार्ता में भी मांगों पर सहमति हुई तथा समिति की अनुशंसा के बावजूद मांगों की क्रियान्विति नहीं होने से प्रदेश के पशु चिकित्सा कर्मचारियों में आक्रोश है।