पीलीबंगा| श्रीमद्भागवत गीता भगवान कृष्ण द्वारा गाया गया अमर गीत है। हम
लोग भगवान को भोग लगाते हैं, भगवान के शरीर का मुख का स्पर्श करके हम समझते
हैं कि यह भगवान का प्रसाद बन गया होगा लेकिन जो गीता भगवान के हृदय से
निकलकर मुख के रास्ते बाहर आई है वह महाप्रसाद हो गया। पीलीबंगा के गीता
भवन में हरिद्वार से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी कमलानंद गिरि महाराज ने यह
बात व्यक्त की। उपस्थित जनसमूह को गीता ज्ञान के तीसरे दिन बताया की गीता
में सार ही सार है। गीता ज्ञान 4 अक्टूबर तक गीता भवन में चलेगी।
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