एक बार गांव के मुखिया ने गाड़ी में अपने मित्रों के साथ पिकनिक पर जा रहा था।
 
गाड़ी के सामने के कांच से मित्रों को कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। लेकिन मुखिया  सड़क के तमाम गड्ढे बचाता हुआ बड़ी सफाई से गाडी चला रहा था।
मित्रों ने हैरान होकर पूछा---" मुखिया जी, सामने कांच से कुछ भी साफ़ नजर नहीं आ रहा। फिर भी गाड़ी इतनी परफेक्ट कैसे चला रहे हो ? "
मुखिया  ---" क्या बताऊं यारों ? अपनी भूलने की आदत के कारण अब तक मेरे 170 चश्मे गुम चुके हैं। "
मित्र---" अरे मुखिया जी हम ड्राइविंग के बारे में पूछ रहे हैं। "
मुखिया जी ---" वही तो बता रहा हूं। चश्मे बनवा बनवा कर मैं हैरान परेशान हो गया तब......
गाड़ी का कांच ही चश्मे के नंबर वाला बनवाकर गाड़ी में लगवा लिया! "